महिला प्रकोष्ठ, नानकपुरा, नई दिल्ली (वैधानिक निष्कर्ष पूर्व) के
समक्ष
(दिल्ली उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति के तत्वावधान में मध्यस्थता)
राज़ीनामा
(दिल्ली उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति के तत्वावधान में मध्यस्थता)
राज़ीनामा
यह राजीनामा दिल्ली में फ़लाने (20xx) साल के फ़लाने (पहले / दूसरे / तीसरे / चौथे / इत्यादि / बारहवें) महीने के फ़लाने (पहले / दूसरे / तीसरे / चौथे / इत्यादि / इक्कत्तीसवें) दिन तैयार किया जा रहा है
पक्षों के नाम आदि
श्रीमती ४९८अ (498a) पुत्री एबीसीडी धर्मपत्नी शिकार, पता 1234567, कॉलोनी कखग, नई दिल्ली ११००कक, (अब के बाद यहाँ पहले पक्ष की संज्ञा से उल्लिखित)
एवं
श्री शिकार पुत्र डॉ फ़लाना, पता 777777777, कॉलोनी तथठयरलव , नई दिल्ली-११००खख (अब के बाद यहाँ दूसरे पक्ष की संज्ञा से उल्लिखित)
जबकि पहले पक्ष और दुसरे पक्ष के बीच दिल्ली में फ़लानी तारीख को हिन्दू विधि के अनुसार विवाह संपन्न हुआ। पाणिग्रहण उपरान्त दोनों पक्ष पति पत्नी के रूप में दिल्ली में फ़लाने मोहल्ले में रहने लग गए। विवाह सम्बन्ध से किसी संतान की उत्पत्ति नहीं हुई।
और जबकि शादी के कुछ समय बाद दोनों पक्षों के बीच गंभीर विवाद पैदा होने लग गए और दोनों पक्ष खुशी से अपने विवाहित जीवन का आनंद नहीं उठा सके। तत्पश्चात दोनों पक्ष कक / खख / २०मम से अलग-अलग रह रहे हैं। दोनों पक्षों के बीच का विवाह सम्बन्ध असाध्य रुप से टूट गया है और किसी भी सुलह की कोई संभावना नहीं है।
और जबकि पहले पक्ष ने नानकपुरा महिला अपराध प्रकोष्ठ में दूसरी पार्टी के खिलाफ एक आपराधिक आक्षेप दर्ज़ कराया। दोनों पक्षों के बीच विभिन्न सत्र आयोजित किये गए और मध्यस्थता प्रक्रिया के दौरान दोनों पक्षों ने अपने सभी विवादों का निम्नलिखित रूप से निपटारा किया:–
१) कि दूसरा पक्ष पहले पक्ष को उसके अतीत, वर्तमान एवं भविष्य के रखरखाव और स्थायी गुजारा भत्ता, आभूषण, स्त्रीधन, और अन्य किसी मद के अंतर्गत अतीत, वर्तमान या भविष्य में किये गए / किये जाने वाले वित्तीय दावे के भरण हेतु पूर्ण एवं अंतिम रूप से जझप,००,०० अर्थात जझप लाख रुपए की राशि का भुगतान करेगा।
२) कि जझप लाख रुपये की उपरोक्त राशि का भुगतान पहले पक्ष द्वारा दूसे पक्ष को तीन किस्तों में किया जाएगा। ग लाख रुपये का भुगतान वर्तमान इकरारनामे को हस्ताक्षरित करने की वेला में फ़लाने बैंक के ड्राफ्ट संख्या १२३४५६७८ द्वारा किया जायेगा। बाकी के भ लाख रुपयों का भुगतान बैंक ड्राफ्टों द्वारा ठ ठ लाख रुपये की दो बराबर किस्तों में विवाह विच्छेद के पहले और दूसरे प्रस्ताव के समय पर अदालत के समक्ष किया जायेगा।
३) दोनों पक्ष सहमत हैं कि दोनों मिल के फ़लाने वर्ष के फ़लाने मास में उपयुक्त न्यायालय में अपने अपने वकीलों की मार्फ़त पारस्परिक सहमति विवाह विच्छेद याचिका प्रेषित करेंगे, और अदालत के समक्ष विवाह विच्छेद के पहले प्रस्ताव के दर्ज होने के मौके पर दूसरा पक्ष पहले पक्ष को ठ लक्ष रुपये का बैंक ड्राफ्ट द्वारा भुगतान करेगा।
४) कि यह भी स्वीकार किया जाता है कि दूसरा पक्ष फ़लानी अदालत में प्रेषित किये गए पहले पक्ष के विरुद्ध अपने मुक़दमे और पारिवारिक अदालत में प्रेषित पहले पक्ष के विरुद्ध अपनी विवाह विच्छेद याचिका को इस इकरारनामे के हस्ताक्षरित होने के उपरान्त वापस लेगा। पहला पक्ष भी दुसरे पक्ष के विरुद्ध महिला प्रकोष्ठ में प्रेषित किये गए अपने आपराधिक आक्षेप को वर्तमान राज़ीनामे के हस्ताक्षरित होने के उपरान्त वापस लेगा।
५) कि ६ महीने की अनिवार्य अवधि बीत जाने के उपरान्त दोनों पक्ष पारस्परिक सहमति विवाह विच्छेद याचिका के दूसरे प्रस्ताव को प्रेषित करने हेतु अपने अपने वकीलों की मार्फ़त कार्रवाई करवाएंगे। अदालत के समक्ष दुसरे प्रस्ताव के दर्ज होने के समय दूसरा पक्ष ठ लाख रुपए की तीसरी क़िस्त का भुगतान बैंक ड्राफ्ट द्वारा पहले पक्ष को करेगा।
६) कि इस से आगे यह भी स्वीकार किया जाता है कि पहला पक्ष विभिन्न अदालतों, मंचों, थानों इत्यादि से अपने सभी आक्षेपों को वापस लेगा और उक्त आरोपों / आक्षेपों के अंतर्गत चल रही कार्रवाईओं को समाप्त करवाएगा। यह स्वीकार किया जाता है कि उपरोक्त शर्तों और मांगों के भरण के बाद दोनों पक्षों का एक दुसरे के विरुद्ध कोई भी दावा नहीं बचेगा। पहला पक्ष दूसरे पक्ष अथवा उस के माता पिता अथवा सम्बन्धियों की अचल अथवा जंगम संपत्ति के अंदर अपनी साड़ी दिलचस्पी और उन से सम्बंधित अपने सारे दावों को हमेशा हमेशा के लिए निरस्त घोषित करता है। पहला पक्ष दुसरे पक्ष के विरुद्ध किसी भी किस्म का आपराधिक अथवा नागर अथवा अन्य आक्षेप भारत में या विदेश में किसी भी हाल में प्रेषित नहीं करेगा।
७) कि यह भी स्वीकार किया जाता है कि दोनों पक्ष एक दुसरे से कोई संपर्क या संसूचना भेजने अथवा करने की कोई कोशिश नहीं करेंगे। वे किसी ऐसी परिस्थिति का निर्माण नहीं करेंगे जिस के फलस्वरूप दूसरे पक्ष की साख नीची हो या उस की सामजिक प्रतिष्ठा पर कोई बुरा प्रभाव पड़े। वे एक दूसरे के निजी कार्यस्थानों में प्रवेश नहीं करेंगे।
दोनों पक्षों ने वर्तमान इकरारनामा अपनी मर्ज़ी से तैयार किया है। दोनों पर इकरारनामे की बाबत किसी भी किस्म का कोई दबाव, बल, डर, दुष्प्रभाव, अथवा कसी के द्वारा की गयी गलतबयानी नहीं रहा / रही है।
दोनों पक्षों ने निम्नलिखित गवाहों के समक्ष वर्तमान इकरारनामे को फ़लाने वर्ष के फ़लाने मास की फ़लाने तिथि पर हस्ताक्षरित किया है:–
क ख ग घ
(पहला पक्ष)
त थ प फ
(दूसरा पक्ष)
प्रणब नरेंद्र मनमोहन
(मध्यस्थ)
गवाह 1: -
गवाह 2: -
मध्यस्थता केंद्र की मोहर / मुद्रा
संलंग्न: इस दिन पर पहले पार्टी को दूसरी पार्टी द्वारा दिए गए डिमांड ड्राफ्ट की फोटोकॉपी, दोनों पक्षों के हस्ताक्षर सहित।
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