गिरफ्तारी का नोटिस मिलते ही आप अपने वकील को अग्रिम ज़मानत आवेदन तैयार करने का निर्देश दें। यह ज़मानत आवेदन लगभग हूबहू आप के उस नोटिस ज़मानत आवेदन जैसा ही होगा, जिसका विस्तृत वर्णन आप अग्रिम ज़मानत सम्बंधित इस लेख में देख सकते हैं। अग्रिम ज़मानत भारत की आपराधिक दंड प्रक्रिया संहिता की धाराओं ४३७ और ४३८ के अनुसार दी जाती है। गौर तलब है की जज आप को अग्रिम ज़मानत उस ही स्थिति में दे सकता है जिस में आप इन धाराओं में वर्णित सभी मानदंडों पर खरे उतरते हैं। एक शरीफ नागरिक के लिए इन मानदंडों को संतुष्ट करना कोई मुश्किल बात नहीं है। यदि आप ने किसी निपुण वकील को अपना ज़मानत का केस दिया है, और आप उस वकील की गतिविधियों को ठीक से संचालित करने में सक्षम हैं तो आप को चिंता करने की कोई ज़रुरत नहीं है।
ये सब होने के अलावा जब आप के ज़मानत मसौदे को तैयार किया जा रहा हो उस वक्त आप का अपने वकील के दफ्तर में मौजूद रहना वांछित है। ऐसा करने से आप अपनी बात अदालत के समक्ष बेहतर तरीके से रख पाएंगे। यह भी बहुत ज़रूरी है की आप निरंतर वकील के संपर्क में रहें और जैसे जैसे उसे मालूम हो वैसे वैसे आप उस से अपनी तारीखों की अग्रिम सूचना लेते रहें। अदालत में तारीख पर पहुंचना भी उम्दा विचार है। ऐसा करने से आप वकील के तर्क वितर्क देख-सुन पाएंगे और अपने मुकदमे में वकील की चुस्ती का आकलन कर पाएंगे।
न्यायाधीश भी बड़े गौर से आपके वकील की तेज़ी और सक्रियता देखेगा। वह आप के ज़मानत आवेदन को पढ़ भी सकता है, और यथोचित बिंदुओं को नोट कर सकता है। पर आमतौर पर जज छोटे मामलों में याचिकाओं को ज़यादा ध्यान से नहीं पढ़ते हैं। ४९८अ (498a) मामले में डाली गयी अग्रिम ज़मानत अर्ज़ी ऐसे जजों के लिए कोई ख़ास बात नहीं है, जैसे जजों से आप दो चार होने जा रहे हैं। यह बात इसलिए कही जा रही है क्यूंकि अग्रिम ज़मानत याचिकाएं सिर्फ ज़िला एवं सत्र न्यायालय या उस से ऊपर के न्यायालय अधिनिर्णीत कर सकते हैं। ऐसी अदालतों के जज विशिष्ट व्यक्तिओं की श्रेणी में आते हैं। मंत्रियों और उद्योगपतियों से ये लोग हर रोज़ दो चार होते हैं। यह खास तौर से उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों के बारे में कहा जा सकता है।
जज आप की सामाजिक स्थिति पर गौर डालेगा। क्या आप शरीफ आदमी हैं? यदि आप आवारा या अनपढ़ निकम्मे या बदनाम किस्म के हैं तो वो आप को अग्रिम ज़मानत नहीं देगा। जैसा कि कहा जाता है, बद से बदनाम बुरा। ऐसा सोचना मूर्खता होगी कि जज आप को आवारा होने कि स्थिति में भी सिर्फ इसलिए छोड़ देगा कि वो आप को व्यक्तिगत रूप से नहीं जानता है। आमतौर से असंतुष्ट पत्नियां अलग से वकील रखती हैं सिर्फ इस वजह से कि सरकारी वकील अपना काम ज़यादा चुस्ती से नहीं करते हैं। यह वकील इस बात का भरसक प्रयास करेगा कि जज आप को आवारा और निकम्मा मान ले।
यदि किसी व्यक्ति को भूत काल में किसी ऐसे जुर्म का दोषी ठहराया जा चूका है, जिसकी सज़ा ७ साल से अधिक हो सकती है तो उसे अग्रिम ज़मानत नहीं दी जा सकती। गौर फरमायें कि इस परिभाषा में वे सभी जुर्म तो शामिल हैं ही, जिन की सज़ा कम से कम ७ साल है, या जिन की कम से कम सज़ा ७ साल से अधिक है। वे जुर्म भी शामिल हैं जिन के अधिकतम सज़ा ७ साल या ७ साल से ज़यादा है। यदि आप पहले किसी जुर्म में दोषी पाये गए हैं, तो आपको चाहिए कि इस परिभाषा कि सख्ती को ध्यान से पहचानें।
सामान्य रूप से अग्रिम ज़मानत उन लोगों को भी नहीं प्रदान की जा सकती जो किन्ही भी २ या दो से ज़यादा मौकों पर किन्ही संज्ञेय और गैर ज़मानती इल्ज़ामों के अंतर्गत चलाये गए मुकदमों में दोषी ठहराए गए हों। लेकिन जजों को यह अधिकार है कि ऐसे लोगों को वे किन्ही विशेष लिखित कारणों से अग्रिम ज़मानत दे दें।
कुछ इसी प्रकार से, यदि जज का यह मानना है कि आप किसी ऐसे अपराध के प्रथम दृष्टा अपराधी हैं, जिस कि अधिकतम सज़ा आजीवन कारावास या मृत्यु दंड है, तो वो आप को ज़मानत देने से इंकार कर देगा। इस नियम के भी अपवाद हैं, लेकिन वे सिर्फ उन लोगों के लिए हैं जो महिला, १६ साल से कम उम्र के बच्चे, बूढ़े, विकलांग, बीमार, विकलांग, या कमज़ोर लोगों की श्रेणी में आते हैं। ज़ाहिर सी बात है कि आप इन श्रेणियों के अंतर्गत किसी भी रहत के पात्र नहीं बन सकते, सिवाय कमज़ोर, बीमार या विकलांग श्रेणी के। यह बात यहाँ पर इस वजह से प्रासंगिक है, कि आजकल फैशन बन गया है कि धरा ४९८अ (498a) के इलज़ाम के साथ साथ बलात्कार या अप्राकृतिक यौन सम्बन्ध का आरोप भी मढ़ दिया जाये। आमतौर पर ऐसे इलज़ाम आरोप पत्र चरण तक नहीं पहुँच पाते, लेकिन अग्रिम ज़मानत चरण पर काफी तंग करते हैं। एक साथ २ पत्नियां रखने का इलज़ाम भी इन मामलों में आम बात है, लेकिन ये इलज़ाम आजीवन कारावास से किसी भी स्थिति में दण्डनीय नहीं है। गौर तलब है कि ४९८अ (498a) का इलज़ाम दहेज़ संभंधित मृत्यु के इलज़ाम के साथ स्वतः नत्थी हो जाता है। पहला अपराध आजीवन कारावास से भी दंडनीय है।
इसके अलावा ध्यान दें कि जज को अग्रिम ज़मानत देने के कारण / कारणों को लिखित रूप में दर्ज करना होता है। कोई भी जज आप को तब तक अग्रिम ज़मानत नहीं देगा जब तक के आप का वकील उसे ऐसी वजह या वजहें नहीं बताता जो कि किसी वरिष्ठ जज को पढ़ने पर काबिल ए ऐतबार लगें। हालांकि जज आप के वकील से ज़यादा कानून जानता है, लेकिन उस को ठोस कारणों से यकीन दिलाना आप के वकील का काम है। यदि ऐसा ना होता तो वकीलों की कोई ज़रुरत अदालतों को नहीं होती। जज को मालूम है की अग्रिम ज़मानत किसी भी ४९८अ (498a) आरोपित व्यक्ति के लिए खासी राहत है, और वकील को अपने मुवक्किल के लिए यह राहत वास्तव में अर्जित करनी चाहिए।
दहेज उत्पीड़न से अधिक गंभीर आरोपों को आक्षेपों में डालने के बारे में ऊपर दिए गए फैशन के अंदर एक पेंच और गिना जा सकता है। महज़ इल्ज़ामों के मौजूद होने से किसी को प्रथम दृष्टया दोषी नहीं माना जा सकता। कई बार देखा गया है कि जज ज़मानत आवेदन "आरोपों की गंभीरता" के कारण खारिज कर देते हैं। मेरे नज़दीक ऐसे फैसले तर्कसंगत नहीं माने जा सकते। कोई भी गधा किसी भी शरीफ या इज़्ज़तदार आदमी पर किसी भी तरह के इलज़ाम लगा सकता है। कोई मानव अपनी स्वतंत्रता मात्र आक्षेपों के कारण खो बैठे, ऐसा सिर्फ किसी घटिया और गिरे हुए समाज में हो सकता है। इसके अलावा यदि हम एक पल के लिए मान भी लें कि आरोपों की गंभीरता ज़मानत आवेदन ख़ारिज करने के लिए जायज़ वजह मानी जा सकती है तो यह भी सोचिये कि क्या हम किसी भी ऐरे गैरे गैर-संजीदा व्यक्ति के द्वारा लगाये गए आरोपों को प्रथम द्रष्टा सत्य मान सकते हैं? यह एक ज्वलंत प्रश्न है क्यूंकि हम ऐसे समय में रह रहे हैं जहाँ इंटरनेट के रास्ते व्यक्तियों, समूहों, और यहाँ तक के पूरे पूरे धर्मों पर निराधार और झटपट उत्पादित आरोप हर रोज़ लगाये जाते हैं।
न्यायाधीश आप को आज़ाद छोड़ने की सूरत में आप के द्वारा सबूतों के साथ छेड़छाड़ की सम्भावना के बारे में भी सोचेगा। अभियोजन पक्ष का काम है की वो जज को मनाएं कि आप ऐसे ही व्यक्ति हैं जो कि ज़मानत पर छूटने पर सबूतों के साथ छेड़ छाड़ करेगा। आप का वकील यह समझाने की कोशिश करेगा कि ना तो आप के पास ऐसा सामर्थ्य है और न ही ऐसा करने की कोई इच्छा आप को है। २ g घोटाले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने संजय चंद्रा (यूनिटेक) की ज़मानत रद्द करने का आवेदन डाला है, और यह इस वजह से डाला है कि उन के अनुसार उस ने विवेचना और अभियोजन को प्रभावित करने की कोशिश की है, और सबूतों के साथ छेड़ छाड़ करी है।
यहाँ हमें विरोधी वकील कि अगली आपत्ति का संकेत मिलता है। वह जज को मनाने की कोशिश करेगा की आप ज़मानत पर छूट कर तहकीकात और अभियोजन को प्रभावित करेंगे। एक कानून का पालन करने वाले नागरिक के लिए ऐसी बात का खंडन करना बहुत ही आसान है, ख़ास तौर पर अगर उस का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं हो। अपने वकील को निर्देश देवें कि वोह ऐसे घटिया आक्षेपों का सख्ती से खंडन करे। यदि इस काम में आप का वकील चूक गया या उसने कोई हील हुज्जत करी तो आप को अग्रिम ज़मानत शायद ही मिले।
कुछ इसी तरह से अभियोजन पक्ष आप पर ये आक्षेप लगाएगा कि आप बाहर रह गए तो गवाहों या शिकायतकर्ता को प्रभावित करेंगे या नुकसान पहुंचाएंगे या धमकी देंगे। ऐसे गैर ज़िम्मेदाराना आक्षेप इस मंशा के साथ लगाये जाते हैं कि आप को गुस्सा आये और आप का ध्यान बँट जाये, जिस से कि आप कोई गलती कर बैठें। कोई भी चतुर वकील ऐसी बेहूदा बातों को कामयाबी से बेकार कर सकता है, सिर्फ यह बोल कर कि अभियोजन पक्ष एक के बाद एक निराधार बातें बोल कर अदालत का कीमती समय बर्बाद कर रहा है। स्वाभाविक है कि जज को भी ज़यादा बकवास सुनने का शौक नहीं होता है, हालांकि उनकी नौकरी ही कुछ ऐसी है।
एक और बात जो आप के खिलाफ बोली जा सकती है वो यह है कि आप बाहर रह गए तो "फिर से" कोई अपराध करेंगे। आप का बेदाग़ रिकॉर्ड अदालत की नज़रों में इस बात को निरस्त करने के लिए पर्याप्त है। जज के दिल में कोई आशंका न छोड़ें।
जज का झुकाव आप की बनिस्बत आप के माता पिता और बहन को ज़यादा आसानी से ज़मानत देने की तरफ होगा। कानून ही कुछ ऐसा है। (यह कहने का यह मतलब नहीं है कि वो आप को ज़मानत देने से कतरायेगा।) इस के अलावा कम उम्र के आरोपियों, गर्भवती महिलाओं, विकलांग, कमज़ोर और बीमार लोगों को अग्रिम ज़मानत ज़यादा आसानी से मिलती है, उस सूरत को छोड़ के जिस में ऐसे व्यक्ति या लोगों के खिलाफ कड़े सबूत होवें। इस का यह मतलब नहीं है कि अदालत ज़मानत सुनवाई चरण पर ही सबूतों के परखच्चे देखेगी। इस पड़ाव पर सबूतों का महत्त्व सिर्फ प्रथम दृष्टा अभियोज्यता स्थापित करने तक सीमित है।
एक ऐसी बात है जो जज का झुकाव आप की पत्नी की ओर कर सकती है। यह है किसी भी किस्म के मेडिको कानूनी रिपोर्ट का उस के हाथ में होना। ऐसा होने पर आप के वकील को आप की पत्नी की विश्वसनीयता पर प्रहार करना होगा, और यह स्थापित करना होगा कि यह महिला नाकाबिल ए ऐतबार है। यह चेष्टा सुनवाई शुरू होते ही शुरू हो जानी चाहिए।
इसी प्रकार यदि बैंक के जरिये आप के ससुराल वालों की ओर से आप या आप के माता पिता के खाते में पैसा आने के कोई सबूत हैं तो सुनवाई कुछ लम्बा खिंच सकती है। जांच अधिकारी हर हाल में यह मांग करेगा कि उसे आप को पुलिस हिरासत में लेने कि ज़रुरत है, और इस की तर्कसंगतता वो कुछ इस तरह से स्थापित करने की कोशिश करेगा कि आप से पूछ ताछ पुलिस हिरासत में ही कुछ फल देगी। यह ऐसी बचकानी मांग है कि बचाव पक्ष के वकील इस मांग का हर सुनवाई में इंतज़ार करते हैं, सिर्फ इसलिए कि यह मांग उन्हें अभियोजन को निखट्टू दिखाने का औजार और मौका देती है। अब तो जज भी यह बोलते बोलते रोने लग जायेगा कि बाबा माफ़ करो छुट्टे नहीं हैं टाइम भी नहीं है।
भारतव्यापी तमाशा ए ज़मानत के बारे में एक लेख।
पिछला लेख (४९८अ मामलों में अग्रिम ज़मानत के महत्व के बारे में)। / In English (about the importance of AB in 498a cases)
अगला लेख (मुचलकों, ज़मानतियों आदि सम्बंधित खानापूरी के बारे में)। / In English (describing formalities including bail bond, sureties etc. after AB)
Mahi singh 2022-03-12T07:38:43Z
Sir pati ka dehant ho jane per kya 498a crpc mukdma ban sakta hai
Arpit kumar 2020-03-28T02:09:07Z
Mere ghr me meri bhaiya bhabhi 3 sal se ghr se bahar h unka nature bhu achha nhi h ab wo ghr me btwara krana chahte h jo papa k khud ki bnai hui property h to kya wo dahej ka case kr skti h agr papa unhe bedakhal krte h property se pls tell
Gajendra singh 2020-03-03T22:00:44Z
Ipc323/354/504/506/7/8mai jamant kitane din mai hi jayegi
prakash kaushal 2019-07-25T13:05:51Z
sir mera nam prakash kaushal hai meri bibi se mera thoda sa bibad ho gaya aur uske ghar walo ne meri puri faimily jaise ki mere mata pita ek bhai aur ek bahen ke uper 498a 323 504 506 325 dhara lagai hai sir mer pur pariwar mere ghar se 600miter dur bane dusre makan me rahta hai mera rasan card aur pariwar ragister nakal me mai apni faimily se alag hu mera chota bhai goverment teacher hai jiski jaldi me joining hui hai sir usne meri puri faimily pe jhuta eljam laga diya hai kya mere bhai ki naukari pe khatra aa sakta hai sir kya kare plese sir...
Chandan Singh 2019-03-25T10:01:45Z
सर नमस्कार, मैं पैरामलेट्री फोर्स में सिपाही के पद पर हूँ, मेरी शादी 21 मई 2017 को हुई थी शादी के कुछ दिन के बाद से ही घर के सभी सदस्य के झगड़ा शुुुरू कर दी जबकि मेरे घर में सिर्फ मेरे माता- पिता ही हैं और वह वरिष्ठ नागरिक हैं मैं स्वयं और तीन बहनेंं हूं, जिसमें दोनों बहनों का शादी हो चुका है और छोटी बहन गाॅॅॅर्वंमेंट जाब करती है मैं अपनी पत्नी से परेशान होकर मैं अपने साथ जाब पर रखने लगा पर यहां भी मेरे से झगड़ा और मेरे ऊपर तरह-तरह के आरोप जिसका का सच्चाई से कोई लेना देना नहीं तब मैं सतर्क होकर उनके हर बात को रिकार्ड में लेने लगा उनके एवं उनके परिवार द्वारा में विभाग को मेरे खिलाफ आरोप पत्र भेजना शुरू हो गया एवं मेरे ससुराल पक्ष के हर कुछ दिन बाद मेरा झुठा शिकायत करवाकर मुझे डिपार्टमेंट के तरफ से प्रताड़ित करवाने लगे कुछ दिन पहले मेरा बच्चा हुआ है जो कि वह गर्भवती होने के बाद से अभी तक मायके में है और अभी दो सप्ताह पहले मेरे थाना से फोन आया कि तुमहारे उपर शिकायत आया है कि पत्नी को मारते पिटते हो और दहेज का मांग करते हो मामला सुलझा लो नहीं तो नौकरी चली जायेगी आपका और आपकी बहन का भी इन सब बातों से हम पुरे परिवार काफी चिंतित है क़पया उचित सलाह दें।
Manish 2019-03-25T12:10:25Z
सुलह करने की कोशिश करें।
Chandan Singh 2019-03-25T13:32:44Z
सर उनकी एवम् ससुराल वाले सभी के क्रूरता से मैं काफी टूट चुका हूँ, पर उनपर विश्वास नहीं हो पा रहा है मैं करीब उनके ईगो 2 साल से satisfied करता आ रहा हुँ अब हिम्मत नहीं है मेरे समझ से वो जिंदगी के किसी भी पहलू मे मुझे धोखा दे सकते हैं क्या मैं मानहानि का मुकदमा कर उनको डिवोर्स के लिये दबाब बना सकते हैं
Manish 2019-03-26T12:53:55Z
कुछ दिन पहले जिस औरत ने आप के बच्चे को जन्म दिया है उस औरत से आप कानूनी स्तर पर ना उलझें तो आप के लिए बेहतर होगा।
Chandan Singh 2019-03-26T13:23:25Z
बहुत धन्यवाद सर
आप जो धारा498 का दुरुपयोग हो रहा है उसमें आप पुरुषों के लिए हीरो हैं 💪
Anand Kumar 2019-01-23T15:17:52Z
सर मेरी बीबी ने मेरे परिवार और रिश्तेदारों पर धारा 498A के तहत मुकदमा पंजीक्रत किया है क्या इस मुक़दमे में सभी को तत्काल जेल भेज दिया जायगा कृपया मदद करे
Manish 2019-01-25T11:10:12Z
अग्रिम ज़मानत आवेदन प्रेषित करें। तत्काल गिरफ़्तारी का प्रावधान नहीं है।
Anand Kumar 2019-01-30T15:51:17Z
इस धारा के अंतर्गत एक व्यक्ति की कितनी जमानत लगेगी और कितने लोग एक व्यक्ति के लिए होने चाहिए
Manish 2019-02-02T06:05:02Z
ज़मानत आदेश में लिखा होगा।
BinDasi Rohit 2018-12-18T09:16:50Z
sir kisy ne 354,323,452,147,149,504,509,3 Ka mukdna drz krwaya hua h....Kya agrim jmanet ho payegy jbky 8 me se 6 Ki Jaipur se jmanet ho gayi h
Manish 2018-12-18T09:56:15Z
ज़मानत आवेदन दाखिल करिए, और वकील अच्छा रखिये। बाक़ी जज पे छोड़ दीजिए।
Patel Loknath 2018-10-05T06:33:25Z
Sir 354 me jamanat ke kya pravdhan hai kya jamanat mil sakti hai civil court se
mangelal jat 2018-10-05T17:46:28Z
Respected sir 498a and 304b me jamanat ke liye kya evidence chahiye or kese jamanat hogi
Manish 2018-10-06T15:38:53Z
ज़मानत के विषय पर लिखे गए जो लेख इस वेबसाइट पर हैं, उन्हें पढ़िए।
Manish 2018-10-05T15:18:50Z
जी नहीं। आपराधिक न्यायालय में जाएं।
Yodha Aavi 2018-10-01T10:58:14Z
Respected sir meri wife ne mere uper 19/7/17 ko 498a or 406 ki complaint darz karvai thi uske baad 3/5/18 ko humne 13b se divorce ki firstf statement de di jisme meri wife ne session jugde ke sahmne bian diye ke us ne muje se sara isher dhan or gift items vapas le li hai or kuj b pending nahi hai or yeh b likha ke vo apni sare complaints vapas le le gi humari 2 statement 5/11/18 ko hai per sir usne apni complaint vapis nahi li or mere uper 498a 406 ki 22/9 ko fir darz ho gyi sir kya muje bail mil jayegi mere pas vo order ki copy hai jo hamara compro hua or me aub kya karu bahut tension me hu
Manish 2018-10-03T01:14:15Z
बिना सारे मुकदमे वापस लिए आपसी सहमति तलाक़ का पहला बयान दर्ज़ नहीं कराया जा सकता है। जज साहब की छोटी सी यह ग़लती है। आप ने यदि पहले बयान के एवज़ में पैसे दिए हैं तो उस को हर हाल में अपने सारे मुकदमे वापस लेने पड़ेंगे, नहीं तो ४२० का केस बनने की संभावना पैदा हो जाएगी।
Priyanka vihal 2020-04-20T21:15:10Z
Hi sir I am priyanka mene apne pati or sasural par 498 a case darj kiya he or dv case bhi mere pati or sas ke bich galat sambadh he or me bhout paresan ho chuki unki ye harkato se.......muze ek beti he to kya me divorce le sakti hu mere pati se or meri bachi ka haq muze mil sakta he kya ab .......sir
Sarvesh b.asthana Asthana 2018-09-16T10:05:12Z
सर नमस्कार मेरी भाभी ने शादी के 7साल बाद मेरे माता पिता व बड़े भाई और मेरे ऊपर 498a,323,506b लगाई है जबकि मैं अलग परिवार वसाकर रह रहा हूं।मेरा अलग राशनकार्ड ,मकान न0 भी है।अब अग्रिम जमानत चाहता हूं क्या करे।मातापिता 70साल से ऊपर है और पिताजी को हार्ट् की बीमारी है।
Manish 2018-09-17T13:30:17Z
जो बातें आप यहां बता रहे हैं वे बातें अग्रिम ज़मानत आवेदन में लिखें, कम से कम आप को और आप के माता-पिता को अग्रिम ज़मानत मिलने के आसार बहुत अच्छे हो जाएंगे। भाई को भी या तो अग्रिम नहीं तो कुछ दिन जेल के बाद ज़मानत मिल जानी चाहिए। माता-पिता की बीमारियों और अपने अलग पते के सबूत संलग्न करना ना भूलियेगा।
Sarvesh b.asthana Asthana 2018-09-19T06:07:11Z
जी बहुत बहुत धन्यवाद
Sarvesh b.asthana Asthana 2018-09-16T16:09:57Z
Sir please reply
devendra meena 2018-09-05T17:36:00Z
सर मुकदमे की सुनवाई पूरी होजाये औऱ जज साहब फैसले की तारीख पर तारीख दे रहा है अब तक पांच बार तारीख बढ़ा चुके हैं ।क्या करे जिससे जल्दी फैसला सुना दिया जाय
Shakti 2018-08-23T12:49:22Z
Sir st SC एकट में कितने दिन में बेल होता है अगर अपराधी से मामूली झगड़ा हुवा हो
Manish 2018-08-24T13:42:33Z
यह तो करने से मालूम होगा लेकिन अंदाज़न पहली अर्ज़ी पर मिल जानी चाहिए।
Priyanka yadav 2018-04-25T10:34:47Z
सर ! दायीं हथेली का जलना और एक उंगली के कट जाने पर कितने प्रतिशत विकलांगता मानी जायेगी ?
अगर उपरोक्त प्रश्न के आधार पर 45 प्रतिशत की विकलांगता का प्रमाण पत्र प्राप्त हो चुका है ,तथा यह वैध नही है तो कानूनी दंड से कैसे बचें !
Manish 2018-04-25T15:41:11Z
जब प्रमाण पत्र की वैधता को किसी ने चुनौती नहीं दी है तो आप व्यर्थ चिंतित क्यों हैं?
Arvind 2018-03-29T04:06:24Z
Sir mene 1 case me Agrim jamanat li he to aage kya karna padega
Manish 2018-03-29T14:11:22Z
मुचलका जमा करवाएं और ज़मानतीयों से कागज़ात भी जमा करवाएं।
Nishit kumar 2018-03-19T09:50:00Z
Sir, mera naam Nishit kumar he, mai BSF me service karta hu, meri shadi 2 feb 2017 ko hui,meri wife mera sath sirf 20 din rahi, or mujhe chood kar apne maa-baap k pass chali gyi, ab mujhe uske ghar walo or uski taraf se dhamkiya milne lagi ki hme pesia deye jaaye warna दहेज मार पीट ka case laga deya jayega pure ghar walo k upher, sir mera no 8602220719 he mujhe samadhan bataye...
Manish 2018-03-19T10:04:57Z
आराम से रहिए। जब तक वे पुलिस विभाग में आक्षेप दर्ज़ नहीं कराते तब तक सामान्य जीवन व्यतीत करें।
Km 2018-02-28T08:12:47Z
498"ए" को झूठा साबित करने के लिए
कैसे सबूत होते हैं
Manish 2018-02-28T11:07:28Z
यह विषय आप अपने वकील के साथ बैठ कर चर्चा करें। अलग अलग मुकद्दमों में कानूनी मुकाबला अलग अलग तरह से किया जाता है और यह विषय गोपनीय रखना चाहिए।
gaurav 2018-02-18T20:08:54Z
sir meri shadhi ko 7 months huee h shadi ke kuch months baad pta chala ki ladki sexual fit nahi h ab vo log case ki damki de rahe h Kya karu plz btaooo
Manish 2018-02-19T04:02:49Z
किसी अच्छे वकील से मिलें और सलाह लें।
shana love 2018-02-09T13:18:13Z
सर 498अ में अगर किसी महिला ने सभी परिवार का झूठा नाम लिखा दिया है तो हमे ये प्रूफ करना होगा कि हमने कुछ नहीं किया इसके साथ।
या उसके बयान से कोर्ट मानलेगी उसकी झूटी बात को
के हमने किया है इसके साथ कुछ
Manish 2018-02-09T16:59:10Z
झूठा केस नष्ट करना किसी भी अनुभवी वकील के लिए आसान काम है। सबूत कहां से आएंगे झूठ के?
shana love 2018-02-10T07:56:03Z
सर तो फिर हमें डरने की कोई बात तो नही है ?
क्यों कि वो हमें बोलते है कि केस वापस अब हम जब लगे जब आप हमे दस लाख दो
Manish 2018-02-10T08:29:09Z
अच्छा वकील ढूंढें और साथ साथ सुलह / तलाक़ की रक़म पर मोल-भाव करें।
shana love 2018-02-10T08:49:39Z
सर उन्होने 5लाख का आरोप लगाया है कि हम दहेज में माग रहे है
अब वो।हमें डर बात रहे है कि तुम।दस लाख दो हमे
तो क्या सर यर केस इतना खतरनाक होता है कि कोई कैस लगा कर किसी से भी राजीनामे में दस लाख माग ले
Manish 2018-02-10T09:19:30Z
केस ख़तरनाक नहीं है, वकील से बात करें।
shana love 2018-02-10T09:52:56Z
ओके सर धन्यवाद
Remix Seva 2018-01-30T00:21:05Z
क्या दहेज़ उत्पीड़न में मोबाइल फ़ोन की वोइस रिकॉर्डिंग और विडियो रिकॉर्डिंग क्लिप्स को सबूत के तौर पर मान्यता दी जाती है या नहीं ???
धन्यवाद
Manish 2018-01-30T07:02:14Z
केवल वे रिकॉर्डिंग जो तथाकथित अपकार के समय में करी जाती हैं। ज़्यादा सही जानकारी के लिए किसी अच्छे वकील से सलाह लें।
Remix Seva 2018-01-28T13:41:29Z
सर मेरे भी की शादी १७ /०४/२०१६ को हुयी थी बाद में पता चला की लड़की के बाप ने उसकी शादी जबरदस्ती की है क्युकी वो लड़की मेरे भाई से कोई
भी मतलब नहीं रखती थी एक साल बाद मेरे भाई ने तलाक के ली केस फाइल कर दिया |
सर अब हम लोगों पर दहेज़ उत्पीड़न मुकदमा दर्ज कराने के लिए जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र दिया गया है
क्या ये मुकदमा दर्ज हो जायेगा कृपया हमें जानकारी दें
धन्यवाद
Manish 2018-01-29T07:33:06Z
मुकद्दमा दर्ज़ तो हो जाएगा लेकिन झूठे मुक़दमे से आप के परिवार को कोई ख़ास नुक़सान नहीं पहुंचेगा। आप की भाभी अपना और आपका दोनों का वक़्त बर्बाद कर रही है।
Amit 2018-01-21T05:16:34Z
Sir mere dost ko 420,467,468,471,472 me police ke traf se jaan bujh ke fsaya gya hai but so serendar kar de kud ko to kya use jmanat mil jayegi
Rajesh yadav 2018-02-08T14:34:53Z
Sir mere pe ek vyakti ne dushmani nikalne ke liye jhoot me tej hathiyaar se injury hone ka ipc 326 lagai hai .mujhe jamanat kaise milege eske pravadhan bataye
Manish 2018-02-08T19:12:37Z
अग्रिम ज़मानत आवेदन प्रेषित करें।
Manish 2018-01-21T06:18:52Z
ज़मानत आवेदन हेतु किसी अच्छे वकील से बात करें।
Samir 2018-01-20T01:08:35Z
Sir, gaoun walo ne hamare pariwar ka 2 saal se hukka paani band kar diya hai, sdm, police kuchh nahi kar rahi hai, thana prabhari sp ko gumrah kar rahi hai ki aisha kuchh nahi hai , main kya karu...
Manish 2018-01-20T17:10:59Z
हुक्का पानी बंद करना एक सामाजिक अपराध है। आप गांव के लोगों के ख़िलाफ़ डिप्टी कमिश्नर से शिकायत करें और कार्रवाई न होने की सूरत में राज्य के उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को चिट्ठी लिखें।
Ashu Kumar Gupta 2018-01-05T14:49:41Z
Sir mere per 7act laga hai Gari ka driver sarkaari mall leker as raha tha raster may polish Gari japth ker leti hai driver mera name bats detha hai Ke mall ler is jagh is aadmi ko leker jaa raha hu humne aagrim jamanat lens Ke liye jila may aaplia kiya jsmanat rejetet ho gaya hai an hum kyabkre
Sonu kumar 2017-12-14T03:04:23Z
सर मेरा भाई मोबाइल स्नैचिंग में फास गया है पर ओ कह रहा था की में गाड़ी चला रहा था और जो पिछे बैठा था उसने छीनने की कोशिस की और पुलिस वाले ने झूठा फ़ाइल बना कर उसे जेल भेज दिया है और सर उसने ये सब कबूल भी कर लिया ह पर उसकी पुलिस ने नहीं सुनी बताओ सर अब क्या किया जाये
Manish 2017-12-14T07:31:25Z
कोई अच्छा वकील ढूंढें और भाई को ज़मानत दिलवाएं।
पैडमिडिया��अंधाकानून (2017-12-04T17:16:53Z)
dahej kanoon ek tanasahi ek tarfa kanoon hai jiska istemaal patni aur uske parivaar ke haath ek pure parivaar ki barbaadi ki chabhi de di hai woh jaisa chahe waisa nachane ko majboor pati ki koi marji nahi uski koi bhavana nahi yeh kanoon jis liye bana tha aaj ke hosiyaar log apne polpati najayaj sabandho ko chipane aur khud ki badnaami hone se pahle hi husband ko uske gharwalo ko dahej kanoon ka dar dhamki karvahi dikhaker apni puri manmaani yehi tak nahi sampati par adhikar hak bhi lene ka black mailing chal raha hai yeh kis tarah ka rista log apna bhavishay chodker grahsti chodkar kis riste se patni hai sirf saat phere le liye toh patni magar responsibilty chodkar baaki sab kuch apna hy dahej kanoon kitno ko atmhatya karne ko majboor kar raha hai.
Jaldi hi es par sarkaar ne badlaav nahi laya to samaajik saadi vayastha par bura prabhav bhi daal raha hai aur es riste ka khatma bhi ho jayaga log live relation ko badhava dena suru karh hai aur aage bhi badhega.
[ Nayapalika kab samjhegi 498A dahej kanoon ka galat istemal kar rahi hai mahilayen ye kaha ka niyam hai ki ladki apne sasural me na rahe aur use kharch ke paise do kya ladka apne maa baap ko chhod kar ladki aur uske ghar walo ko dekhe pm ji aur hamre nayapalika in cheezo pe dhyan de taki ladko ko khudkhusi na karna pade hamare desh me ias ips aam janta har koi iska ka sikar ho rhe hi sarkar jald se jald is samssya ka Samadhan kare kyunki 498A ka durpyog ho rha hai
ranjeet singh 2017-11-11T07:03:25Z
Hlo sir meri shadi ko 1 year 7 month hue h meri wife ne fake marpeet rape and dowry ki complaint mehla cell me ki h jis par m teen bar hajri b lagva chuka hu ab mehla cell ne case aage bejne ko bola h abi fir launch nhi hui h kya m fir se pehle bail le sakta hu please suggest me
Manish 2017-11-11T12:06:13Z
अग्रिम ज़मानत का आवेदन अदालत में डालें।
Shees Ahtaram 2017-09-22T16:33:31Z
maire bhai pr dhara 498A lgi h. or shadi ko 6 saal ho gye h. bhabi ne jhuta mukadma karaya h. mujhe kya karna chiye
Manish 2017-09-22T22:43:07Z
कोई अच्छा वकील करें और कानूनी लड़ाई लड़ें।
Shahnawaj Alam 2017-08-20T19:38:27Z
सर, मेरे पति जिला न्यायाधीश के सरकारी चालक हैं, शादी के सत्रह साल हो चुके हैं, 5 बच्चे हैं हमारे, अब वे कहते हैं कि तुम्हारे साथ नहीं रहना,दूबारा शादी करनी है, अपने मायके चले जाओ, मैं अभी उनके ही घर पर रहती हूं पर वह कहीं और भाड़े के मकान में रहने लगे हैं। मेरे सामने विकट स्थिति है.. ऐसे में क्या करूँ?
Manish 2017-08-21T19:21:10Z
महिला प्रकोष्ठ से मदद लेँं।
Rahul Joshi 2017-07-22T19:05:46Z
सर जी मुझे अभी 498a के झूठे मुकदमे में फसाया है। में एक सरकारी अध्यापक हूँ। मेरे नाम कोई केस दर्ज नहीं है। मैंने उनके केस दर्ज करने से 6 माह पहले तलाक का मुकदमा लगा रखा है। में मिर्गी का मरीज हूँ। क्या मुझे adj कोर्ट से अग्रिम जमानत मिल सकती है। सभी कह रहे हैं कि हाईकोर्ट से ही जमानत लेनी पड़ेगी।
Manish 2017-07-23T02:01:03Z
ज़मानत आपको मिल जानी चाहिए, चाहे किसी भी स्तर से मिले।
Rahul Joshi 2017-07-23T05:20:10Z
सर मुझे कल पुलिस बयान देने के लिए बुला रहे हैं। मुझे डर है वो मुझे बयान के बहाने गिरफ्तार न कर लें। क्योंकि 2 दिन पहले वो मुझसे नोटिस पर दस्तखत ले चुके हैं। क्योंकि मैं सरकारी नौकरी में हूँ 2012 से परंतु मुझे कोर्ट केस के चलते स्थायीकरण नही किया गया है। ऐसी स्थिति में अगर मैं गिरफ्तार कर लिया तो क्या मेरी नौकरी जा सकती है?
कृपया मार्गदर्शित करें। मुझे कल थाने जाना है।
Manish 2017-07-23T06:27:18Z
निडर हो कर जाएं, नौकरी की चिंता बाद में करियेगा, अभी इस मामले से निपटें।
Rahul Joshi 2017-07-23T06:28:17Z
धन्यवाद सर
Akash Verma 2017-07-16T18:05:22Z
सर मेरे रिलेटिव के ऊपर प्रोपर्टी डिस्ट्रीब्यूशन और फेक क्रिमिनल केस है जो कि डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में एक लॉयर के द्वारा ही किया गया है अब ये मामला डिस्ट्रिक्ट बार association ने पर्सनल बना लिया है कोई लॉयर केस लेने को रेडी ही नही है क्या हम मामला हाई कोर्ट में attach करवा सकते है
Manish 2017-07-17T00:52:44Z
आप कोशिश कर सकते हैं। वैसे वकील अगर वकीलों से केस लड़ना छोड़ दें तो उनका धंधा चौपट हो जाएगा।
सतिश 2017-07-06T16:44:24Z
सर अगिम जमानत करने के लिय एक आदमीका कितना खर्च आता है . अगर आपने जमानत लेनेवाला कोई नही हैं तो कया करना चाहिऐ.
Manish 2017-07-06T19:21:44Z
किसी अच्छे वकील से पूछें।
Chandra prakash 2017-07-05T12:23:34Z
Sir plz help me meri Shadi Nov. 15 me hui thi par shadi hone ke bad wife 8-8din ke liye kewal 3baar aai hai jab bhi lene jate tho wo or us ke ghar Wale ye bolte hamari kuccha sharth hai wo likh kar do Tab hi bhejenge hamne sharte manne ke liye saf saf mana kar diya fir mene usi Time section 9 ka case lagaya wo us me har date pr ati or jab akahri baar aai tho us ne demand rakhi ki me inke parivar se alag rahungi sath me nahi rahungi is par zujd shab ne saf saf mana kar diya ki jindagi shartho pr nahi kati jati iske baad jab case ko ek saal Ho gaya tho usne iske baad 498a ka case kar diya muj pr filhal police walo ne mujhe 41 notice pr choda huwa hai abi wo challan pesh Karen wale hai mere khilaf kya mujhe jamant MIL jayegi waha se iske bad mujhe kya Karna chaiye plz help me
Himanshu Sharma 2017-07-05T06:53:46Z
सर आज से 7 महीने पहले हमारे गाँव में झगड़ा हुआ था और उस झगड़े में मेरे भाई का नाम भी था ओर वो जेल चला गया था । जबकि वो दोषी नहीं था। तो पुलिस ने उसको 169 में जेल से बाहर निकाल दिया । तो सर क्या अब उसका उस केस से लेना-देना है ।
Sumit Nandal 2017-05-14T18:51:54Z
सर मेरे दोस्त दिल्ली मे मैच देखने गए थे वहाँ उनकी हाथापाई हो गई और पुलिस ने थाने मे बंद कर दिया अब उनकी रिहाई कैसे करवाई जाए
Manish 2017-05-15T13:30:06Z
किसी अच्छे वकील से ज़मानत आवेदन डलवाएं।
Himanshu Sharma 2017-07-05T06:39:19Z
सर आज से 7 महीने पहले हमारे गाँव में झगड़ा हुआ था और उस झगड़े में मेरे भाई का नाम भी था ओर वो जेल चला गया था । जबकि वो दोषी नहीं था। तो पुलिस ने उसको 169 में जेल से बाहर निकाल दिया । तो सर क्या अब उसका उस केस से लेना-देना है ।
त्रिलोक सिंह 2016-06-30T18:56:42Z
Sir मेरी family पे मेरी भाभी ने 498अ,376 धाराओं के अंतर्गत delhi में case फ़ाइल किया है जबकि पारिवारिक न्यायालय राजस्थान ने हिन्दू विवाह act 13बी के तहत तलाक भी दे दिया है क्या अग्रिम जमानत possible है जबकि निचली अदालत ने bail खारिज़ की है जबकि हमने 5लाख का बैंकर चैक अदालत के जरिये उनको दिया और 5लाख का बैंकर चैक अदालत में सुरक्षित है कुल 10लाख दे दिए है ।कृपया मार्ग दर्शन करे। या कोई काबिल वकील बताएं delhi में इस case के लिए
Manish 2016-07-01T07:25:50Z
वरिष्ठ और अनुभवी किसी भी वकील से संपर्क करें, आपका मामला पेचीदा लगता है, और सिर्फ़ अच्छे वकील ही पेचीदा मामलों का इलाज जानते हैं। पैसा झूठे इलज़ाम लगाने वाले लोगों की बजाय वकील पर खर्च करें। वकीलों की सूची हाई कोर्ट बार एसोसिएशन की वेबसाइट पर उपलब्ध है। http://dhcba.com/index.php?...
सर्वेश 2016-01-22T01:02:33Z
498a में सर जी बाहर से
बेल हो जायेगी
Manish 2016-01-22T08:28:36Z
बाहर से ज़मानत को ही अग्रिम ज़मानत कहते हैं।
Biswanath Agrawal 2015-09-30T06:58:32Z
How can i obtain this book, in Hindid/English or both.
Manish 2015-09-30T09:06:08Z
It is on Amazon in the kindle books section.
kk 2015-09-25T16:03:32Z
Dear sir 4 yr pahle meri ek ldki se bat hoti thi phir bat bnd ho gyi Ab wo mujhe blackmail krti h ki wo live in relation Ka certificate ghr pe bhej degi Kya ye possible h ki wo mujhe fansa sakti h jbki hmare koi physical relationships ni the
Manish 2015-09-25T16:53:29Z
यदि हिंदी में कोई प्रश्न पूछना चाहते हैं तो कृपया देवनागरी लिपि का प्रयोग करें।
sudhir siwal 2015-08-13T06:07:59Z
Any people can anticiptic bail in article 363,368,369,370 and 3(2)(5) sc/st act
Manish 2015-08-13T06:55:33Z
It is not possible for persons accused of crimes under SC / ST Act to get anticipatory bail.